Tuesday, 11 February 2020

बुलाती है मगर जाने का नईं
ये दुनिया है इधर जाने का नईं

मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर
मगर हद से गुजर जाने का नईं

सितारें नोच कर ले जाऊँगा
मैं खाली हाथ घर जाने का नईं

वबा फैली हुई है हर तरफ
अभी माहौल मर जाने का नईं

वो गर्दन नापता है नाप ले
मगर जालिम से डर जाने का नईं

राहत इंदोरी

             दिनांक 23-एप्रिल जागतिक पुस्तक दिन, पुस्तकांबद्दल काही. open video please click   here https://drive.google.com/file/d/1IplX4qZ...